संगीत साधना एक ऐसी युति है, जो मनुष्य का सीधे उस शक्ति से एकाकार करा देती है, जिसे कोई ईश्वर कहता है, कोई प्रकृति, तो कोई उसे आत्म चेतना का मौलिक स्वरूप मानता है, इसीलिए संगीत के सातों सुर मौलिक और शुद्ध है, आज हमारी सभ्यताओं का इतना विकास होने पर भी यह अपने आदि स्वरूप में ही है।